ओटीटी प्लेटफॉर्म JioHotstar पर हाल ही में रिलीज हुई वेब सीरीज ‘चिड़ैया’ (Chiraiya) ने दर्शकों और क्रिटिक्स के बीच एक नई बहस छेड़ दी है। 20 मार्च 2026 को स्ट्रीम हुई यह 6 एपिसोड की सीरीज भारत में ‘मैरिटल रेप’ जैसे गंभीर और अक्सर नजरअंदाज किए जाने वाले विषय को मजबूती से उठाती है। दिव्या दत्ता और संजय मिश्रा जैसे मंझे हुए कलाकारों से सजी यह सीरीज दिखाती है कि कैसे एक ‘आदर्श’ दिखने वाले परिवार के पीछे डरावने सच छिपे हो सकते हैं।
क्या है ‘चिड़ैया’ की कहानी? (Plot Overview)
कहानी लखनऊ के एक पारंपरिक परिवार की है, जहाँ कमलेश (दिव्या दत्ता) एक आदर्श बहू है। घर में सब कुछ ठीक चल रहा होता है, जब तक कि कमलेश के लाडले देवर अरुण (सिद्धार्थ शॉ) की शादी पूजा (प्रसन्ना बिष्ट) से नहीं हो जाती। शादी की पहली ही रात को अरुण अपनी नई दुल्हन के साथ जबरदस्ती करता है। जब पूजा इस ‘मैरिटल रेप’ के खिलाफ आवाज उठाती है, तो परिवार के पुरुष ही नहीं बल्कि महिलाएं भी उसे चुप कराने की कोशिश करती हैं। ऐसे में कमलेश अपनी पारिवारिक सुख-शांति और न्याय के बीच फंस जाती है। सीरीज का मुख्य सवाल यही है—क्या शादी का मतलब ‘ऑटोमैटिक सहमति’ (Automatic Consent) है?

दिव्या दत्ता और संजय मिश्रा की दमदार एक्टिंग
सीरीज की जान दिव्या दत्ता की एक्टिंग है। उन्होंने एक ऐसी महिला का किरदार निभाया है जो धीरे-धीरे पितृसत्ता (Patriarchy) की बेड़ियों को समझती है और अपनी देवरानी के लिए खड़ी होती है। वहीं, संजय मिश्रा ने घर के मुखिया ‘पापाजी’ के रूप में एक ऐसा किरदार निभाया है जो पढ़ा-लिखा होने के बावजूद पुरानी सोच से जकड़ा हुआ है। सिद्धार्थ शॉ ने एक टॉक्सिक पति के रूप में और प्रसन्ना बिष्ट ने एक पीड़ित लेकिन साहसी दुल्हन के रूप में शानदार काम किया है।
OTT पर क्यों देखें ‘चिड़ैया’? (Review & Ratings)
‘चिड़ैया’ सिर्फ एक ड्रामा नहीं, बल्कि समाज के लिए एक ‘वेक-अप कॉल’ है। क्रिटिक्स ने इसे 3.5/5 स्टार्स दिए हैं। हालांकि कुछ जगहों पर यह थोड़ी मेलोड्रामैटिक (Melodramatic) लगती है, लेकिन इसका संदेश बहुत गहरा है। जियोहॉटस्टार ने इसे हिंदी के साथ-साथ 12 भारतीय भाषाओं (जैसे तमिल, तेलुगु, मराठी, बंगाली) में रिलीज किया है, ताकि यह संदेश देश के कोने-कोने तक पहुंच सके। अगर आप एक विचारोत्तेजक (Thought-provoking) सीरीज देखना चाहते हैं, तो यह आपके लिए बेस्ट वॉच है।
