अक्षय कुमार और निर्देशक प्रियदर्शन की जोड़ी पूरे 14 साल बाद बड़े पर्दे पर वापसी कर रही है। फिल्म ‘भूत बंगला’ का ट्रेलर रिलीज होते ही सोशल मीडिया पर एक ही चर्चा शुरू हो गई है— “क्या यह फिल्म ‘भूल भुलैया’ (2007) का रिकॉर्ड तोड़ पाएगी?” प्रियदर्शन की हॉरर-कॉमेडी का अपना एक अलग ‘कल्ट’ स्टेटस है, लेकिन ‘भूत बंगला’ उस जादू को दोहराने के लिए पूरी तरह से तैयार दिख रही है। आइए जानते हैं कि ‘भूल भुलैया’ के मुकाबले ‘भूत बंगला’ में वो कौन से 5 बड़े बदलाव हैं जो इस फिल्म को और भी रोमांचक बना रहे हैं।
1. साइकोलॉजिकल थ्रिलर बनाम शुद्ध हॉरर-कॉमेडी
‘भूल भुलैया’ एक साइकोलॉजिकल थ्रिलर थी, जहाँ आत्मा की जगह मानसिक बीमारी (Dissociative Identity Disorder) मुख्य मुद्दा थी। वहीं, ‘भूत बंगला’ के ट्रेलर से साफ है कि इस बार प्रियदर्शन शुद्ध ‘सुपरनेचुरल हॉरर’ और कॉमेडी का तड़का लगा रहे हैं। फिल्म में ‘वधुसुर’ की कहानी और एक शापित बंगले का रहस्य दिखाया गया है, जो ‘भूल भुलैया’ के महल से कहीं ज्यादा डरावना नजर आ रहा है।
2. विद्या बालन की जगह वामिका गब्बी और तब्बू का जलवा
‘भूल भुलैया’ में मंजुलिका के किरदार में विद्या बालन ने जो खौफ पैदा किया था, उसे भुला पाना नामुमकिन है। लेकिन ‘भूत बंगला’ में इस बार फीमेल लीड्स का पलड़ा काफी भारी है। फिल्म में वामिका गब्बी अक्षय के साथ अपनी फ्रेश केमिस्ट्री दिखा रही हैं, वहीं तब्बू की मौजूदगी फिल्म के सस्पेंस को एक अलग लेवल पर ले जाती है। फैंस यह देखने के लिए बेताब हैं कि क्या इस बार भी कोई ‘मंजुलिका’ जैसा आईकॉनिक किरदार सामने आएगा?
3. कॉमेडी का ‘डबल डोज़’: राजपाल यादव और परेश रावल की वापसी
प्रियदर्शन की फिल्मों की जान उनकी ‘कॉमेडी ऑफ एरर्स’ होती है। ‘भूल भुलैया’ में छोटा पंडित (राजपाल यादव) आज भी मीम्स में छाया रहता है। ‘भूत बंगला’ में अच्छी खबर यह है कि राजपाल यादव और परेश रावल की जोड़ी एक साथ लौट रही है। ट्रेलर में उनकी टाइमिंग देखकर साफ लग रहा है कि इस बार कॉमेडी का डोज़ पहले से कहीं ज्यादा होने वाला है, जो फिल्म के डरावने दृश्यों के बीच दर्शकों को राहत देगा।
4. आधुनिक तकनीक और VFX का इस्तेमाल
साल 2007 में ‘भूल भुलैया’ का जादू सादगी और बेहतरीन कहानी पर टिका था। लेकिन 2026 में ‘भूत बंगला’ हाई-एंड VFX और आधुनिक सिनेमैटोग्राफी के साथ आ रही है। ट्रेलर में दिखाए गए भूतिया बंगले के विजुअल्स और ‘वधुसुर’ की डार्क स्टोरी टेलिंग यह बताती है कि प्रियदर्शन ने तकनीक के मामले में इस बार कोई समझौता नहीं किया है। यह फिल्म बड़े पर्दे पर एक ‘विजुअल ट्रीट’ साबित हो सकती है।
5. ‘डॉ. आदित्य’ से अलग है अक्षय कुमार का नया किरदार
‘भूल भुलैया’ में अक्षय कुमार एक कूल और मजाकिया डॉक्टर (आदित्य श्रीवास्तव) के रोल में थे, जो लॉजिक पर विश्वास करता था। ‘भूत बंगला’ में अक्षय का किरदार थोड़ा अलग और रहस्यमयी लग रहा है। यहाँ वह खुद भी डरा हुआ नजर आ रहा है और स्थितियों को संभालने की कोशिश कर रहा है। अक्षय का यह ‘Helpless Hero’ वाला अवतार दर्शकों को बहुत पसंद आ रहा है, जो ‘डॉ. आदित्य’ के कॉन्फिडेंस से बिल्कुल जुदा है।

