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ऑल्ट बालाजी और ज़ी5 की आगामी सीरीज़ ‘कहने को हमसफ़र है 3’ का खूबसूरत ट्रेलर हुआ रिलीज़!

‘कहने को हमसफ़र है 3’ ट्रेलर में 4 साल के लंबे अंतराल के बाद सभी की ज़िंदगी में आये बदलावों को चित्रित किया गया है।

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पहले दो सीज़न की शानदार सफलता के बाद, इंतजार आखिरकार खत्म हो गया है क्योंकि ऑल्ट बालाजी और ज़ी5 अपनी सबसे सफल फ्रेंचाइजी ‘कहने को हमसफ़र है’ के तीसरे सीजन के साथ दर्शकों का फिर से मनोरंजन करने के लिए लौट आया है।

यह शो 6 जून को रिलीज होने वाला है, लेकिन उससे पहले दोनों प्लेटफार्म ने बहुप्रतीक्षित श्रृंखला के ट्रेलर रिलीज़ के साथ उत्साहित कर दिया है, जिसमें एक बार फिर रोनित रॉय, गुरदीप कोहली पुंज, मोना सिंह, अपूर्वा अग्निहोत्री सहित अदिति वासुदेवा जैसे भारतीय टेलीविजन उद्योग से दिग्गज कलाकार नज़र आएंगे।

ट्रेलर में 4 साल के लंबे अंतराल के बाद सभी की ज़िंदगी में आये बदलावों को चित्रित किया गया है। अनन्या एक सफल व्यवसायी और एक माँ है, वह पहले शांत थी लेकिन अब तूफानी एना बन गई है। दूसरी ओर पूनम ज़िन्दगी में आगे बढ़ गई है और अभिमन्यु के साथ खुशहाल वैवाहिक जीवन जी रही है। रोहित अब पूरी तरह से लापरवाह हो गए है और उनकी ज़िंदगी में कोई जिम्मेदारी नहीं है। कुछ भी खोने के लिए और देखभाल करने के लिए न होने के कारण, वह अपनी अशांति को या तो बाइक पर जाकर या फिर खुद से छोटी महिलाओं के साथ नासमझ रिश्ते बनाकर कम करता है। निशा (अंजुम फ़कीह) और अमायरा (अदिति वासुदेवा) की रोहित की ज़िंदगी में एंट्री के साथ, हर कोई यह सोच सकता है कि रोहित पूरी तरह से अपने नवीनतम रोमांस को एन्जॉय कर रहे है, लेकिन उसका अतीत उसे वास्तविकता स्वीकार करने में असमर्थ बना रहा है कि पूनम और अनन्या अब उसकी जिंदगी का हिस्सा नहीं हैं। ट्रेलर में आगे रोहित के कारण उनकी बेटियों के भवनात्मक आघात की झलक भी दिखाई गई है। रोहित और पूनम की बेटियों बानी और निक्की को अपने माता-पिता की असफल शादी के कारण जीवन में बहुत परेशानी और कठिनाइयों का सामना करना पड़ा है और वे चीजें को सामान्य करना चाहते थे। ट्रेलर में उथल-पुथल सिर्फ़ यही तक सीमित नहीं है क्योंकि रोहित का अनन्या और पूनम के पतियों के साथ भी आमना-सामना होता हैं।

ट्रेलर के बारे में बात करते हुए, बहुमुखी अभिनेता रोनित बोसराय, जो कहने को हमसफ़र है 3 में रोहित मेहरा की भूमिका निभा रहे है, उन्होंने साझा किया, “मुझे लगता था कि यह शो दर्शकों को पसंद आएगा लेकिन इतनी बड़ी सफलता बनने की कभी कल्पना भी नहीं की थी। हमारे पहले 2 सीज़न पर अपना प्यार बरसाने और सीजन 3 को संभव बनाने के लिए दर्शकों का आभारी हैं। मेरे दर्शकों के लिए, मैं यह कहना चाहता हूं कि चौंकाने वाले खुलासे के साथ एक धमाकेदार सीज़न के लिए तैयार हो जाइये। उम्मीद है कि आप लोगों को उतना ही मज़ा आएगा, जितना हमें इसकी शूटिंग के दौरान आया था। आप इसे सुनिश्चित रूप से मिस नहीं करना चाहेंगे।”

गुरदीप कोहली कहती है कि, ‘इस सीज़न में दर्शकों को एक नई पूनम और उनके कई शेड्स देखने मिलेंगे। पहले से ही एक असफल विवाह और फिर एक बहुत छोटे व्यक्ति से पुनर्विवाह करने के बाद, अभी भी असुरक्षा की भावना है जो उसे परेशान करती है। मुझे खुशी है कि मैंने ऐसी भूमिका निभाई है जो तीन सीज़न में बहुत बदल गई है। शो ने एक बार फिर रिश्तों और भावनाओं को इतने परिपक्व तरीके से निभाया है कि मुझे यकीन है कि दर्शक इसे पसंद करेंगे। ”

दो लोग जो एक-दूसरे से बेहद प्यार करते थे, जिन्होंने एक साथ रहने के लिए मुश्किलों के खिलाफ लड़ाई लड़ी थी, वे आज टूट गए हैं और एक-दूसरे से नफ़रत करते हैं। ठीक उसी जगह से शुरुआत करते हुए, जहाँ अंत हुआ था, ‘कहने को हमसफर है 3’ ने हमारे जहन में एक सवाल खड़ा कर दिया है – क्या फिर कभी प्यार पहले की तरह होगा?

 

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ब्रेकिंग न्यूज – नए धारावाहिकों की शूटिंग का रास्ता हुआ साफ

एफडब्ल्यूआईसीई आईएफटीपीसी और सिंटा और की बैठक में फिल्म और टीवी शूटिंग जल्द शुरू करने पर सहमति बनी

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कर्मचारियों के लिए बीमा ,भुगतान अवधि में कटौती और कोविड 19 को लेकर दिशा निर्देश पालन करने पर आईएफटीपीसी सहमत

मुंबई ,एफडब्ल्यूआईसीई,आईएफटीपीसी और सिंटा  की एक बैठक आयोजित कर फिल्म और टीवी सीरियल की शूटिंग से संबंधित समस्याओं पर विचार किया गया और जल्द से जल्द शूटिंग शुरू करने पर सहमति हुई। इन तीनों संस्थाओं की बुधवार को वर्चुअल मीटिंग बुलाई गई थी। इस बैठक में आईएफटीपीसी ने फिल्म और टीवी निर्माण से जुड़े कर्मचारियों के लिए दो तरह की बीमा मुहैया करवाने पर सहमति व्यक्त की। इसमें कोविड 19 से मौत की स्थिति में 25 लाख रुपए और अस्पताल में इलाज के लिए 2 लाख रूपये बीमा का समावेश होगा। इसके आलावा आईएफटीपीसी ने आश्वासन दिया कि शूटिंग के दौरान कोविड 19 के संक्रमण को रोकने के लिए जो दिशा निर्देश सरकार ने दिए उसका पूरी तरह से पालन किया जाएगा। इसी के साथ कर्मचारियों के भुगतान की समय सीमा को 90 दिन से कम करके 30 दिन किए जाने पर सहमति हुई। बैठक के दौरान आपसी सहमति से सभी समस्याओं को सुलझाने पर सहमति बनी ताकि जल्द से जल्द शूटिंग शुरू हो सके।

बैठक में आईएफटीपीसी ने सिंटा और  एफडब्ल्यूआईसीई के योगदान की सराहना की और फिल्म और टीवी निर्माण से जुड़े कलाकारों,कर्मचारियों के हित के लिए किये गए कार्यों को याद किया। बैठक के बाद घोषणा की गई कि जल्द से जल्द फिल्म और टीवी सीरियल्स की शूटिंग शुरू होगी जिससे लोग अपने – अपने घरों में नए धारावाहिको का आनंद ले सकेंगे। बैठक में  आईएफटीपीसी के प्रेसिडेंट साजिद नाडियाडवाला ,सिंटा और एफडब्ल्यूआईसीई ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे,सांस्कृतिक मामलों के मंत्री अमित देशमुख ,सांस्कृतिक मामलों के सचिव डॉ संजय मुखर्जी और आदेश बांदेकर का उनके सहयोग के लिए आभार प्रकट किया गया। बैठक में एफडब्ल्यूआईसीई के प्रेसिडेंट बीएन तिवारी,जनरल सेक्रेटरी अशोक दुबे, ट्रेजरार गंगेश्वरलाल श्रीवास्तव,

टीवी और वेब के चेयरमैन जेडी मजीठिया , आईएफटीपीसी के नितिन वैद्य ,श्यामाशीष भट्टाचार्य और सिंटा के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट मनोज जोशी,वाइस प्रेसिडेंट दर्शन जरीवाला ,सीनियर जॉइन्ट सेक्रेटरी अमित बहल और कार्यकारी समिति के सदस्य संजय भाटिया आदि उपस्थित रहे। इस बैठक में यह तय किया गया कि तीन महीने बाद फिर से पूरी स्थिति की समीक्षा की जाएगी और अगर किसी कंडीशन में बदलाव की जरूरत हुई तो आपसी सहमति से उसपर विचार किया जाएगा।

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अभिनेता नवाजुद्दीन सिद्दीकी का कहना है कि “सफलता कभी भी खुशी की गारंटी नहीं होती”

अभिनेता नवाज़ुद्दीन सिद्दीकी ने अवसाद के बारे में बात की और जोर दिया कि अपने अंदर एक लड़ाई की भावना होना महत्वपूर्ण है।

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अभिनेता सुशांत सिंह की आकस्मिक मृत्यु ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। बॉलीवुड कलाकार इस अपूरणीय क्षति पर शोक मना रहे हैं। एक प्रमुख प्रकाशन से बात करते हुए, अभिनेता नवाज़ुद्दीन सिद्दीकी ने अवसाद के बारे में बात की और जोर दिया कि अपने अंदर एक लड़ाई की भावना होना महत्वपूर्ण है।

“मेरे पास हमेशा अपने आप से लड़ने की भावना थी और हमेशा रहेगी। मैं खुद को एक श्रमिक से अधिक नहीं मानता। मैं इंडस्ट्री में एक बहुत बड़ा सुपरस्टार बनने का सपना लेकर नहीं आया था। इस तरह के बड़े सपने देखना बेकार है क्योंकि जैसे ही आपको निराशा मिलती है, यह अवसाद की ओर धकेल देता है। लगभग 10 वर्षों के लिए, मैं सिर्फ इस उद्योग में जीवित रहना चाहता था। हालांकि, कई बार मुझे अवसाद का सामना करना पड़ा, लेकिन मैं एक फिल्म में एक भी सीन करने के लिए खुश हुआ करता था। अपनी पूरी यात्रा में चलते रहना महत्वपूर्ण है। सफलता खुशी की गारंटी नहीं देती है, अगर आज ऐसा होता तो सबसे सफल लोग सबसे ज्यादा खुश होते। ”

“मेरे पास लगभग डेढ़ साल तक कोई पैसा नहीं था, मैं अपने दोस्त के घर भोजन करता था और शहर में घंटों घूमता था। पर्याप्त भोजन न मिलने के कारण मेरा शरीर सिकुड़ गया और बाल भी झड़ गए। मैं सुबह 7 बजे के आसपास अपना घर छोड़ देता था और घंटों ट्रैफिक और इमारतों को टकटकी लगाकर सोचता था कि मैं जल्द ही मर जाऊंगा और फिर ये सब नहीं देख पाऊंगा। मुझे लगता था की मैं सबसे अलग हूँ पर अब मैं  भगवान का शुक्रिया अदा करता हूँ की उन्होंने मुझे बचा लिया ।

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रसिका दुग्गल पहली बार पति मुकुल चड्ढा के साथ ‘बनाना ब्रेड’ नामक शॉर्ट फ़िल्म में नज़र आईं।

“बनाना ब्रेड” में पहली बार रियल लाइफ कपल रसिका दुग्गल और मुकुल चड्ढा एक साथ नजर आए

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जहा एक तरफ लोग इस लॉकडाउन के समय का सदुपयोग करने में लगे हुए हैं वहीं रियल लाइफ जोड़ी रसिका दुग्गल और मुकुल चड्ढा भी इसमें पीछे नहीं,  पहली बार यह जोड़ी एक शॉर्ट फ़िल्म ‘बनाना ब्रेड’ में साथ नज़र आने वाले हैं। यह जोड़ी टेरीबली टायनी टाकीज़ के साथ मिलकर अपने ऑडियंस के लिए एक मज़ेदार कहानी लेकर आ रहे है जो मौजूदा हालत पर एक दम सटीक बैठता है।इस जोड़ी ने ना सिर्फ इस शॉर्ट फ़िल्म में एक साथ काम किया है बल्कि दोनों ने मिलकर इसकी कहानी भी लिखी हैं। लॉक डॉउन की अधिनियम के तहत इस शॉर्ट फ़िल्म की शूटिंग उनके द्वारा उनके है घर पर की गई है जिसे श्रीनिवास सुंदेराजन ने रोमोटेली डायरेक्ट किया है।

रसिका दुग्गल अपने अनुभव को सांझा करते हुए कहती हैं कि

“मैंने यह महसूस किया कि मुझे इस समय कुछ नया वो भी मज़ेदार तरीके से करने की आवश्यकता है हमे घर पर ही शूट करना था और मैं यह चैलेंज लेने के लिए काफी उत्साहित थी

यह देखना था कि क्या हम फ्रेम सेट कर सकते हैं, फिल्म को शूट कर सकते हैं, प्रॉप्स की व्यवस्था कर सकते हैं, साउंड रिकॉर्ड कर सकते हैं, निरंतरता रख सकते हैं, हेयर और मेकअप का ध्यान रख सकते हैं, फाइलों का प्रबंधन कर सकते हैं, फुटेज ट्रांसफर कर सकते हैं ….. मूल रूप से, एक के लिए डबल अप पूरी फिल्म यूनिट। काम बहुत ज़्यादा था और उसे करने में उतना ही मज़ा भी आया।इसके अलावा,  लेखन में मेरा यह पहला प्रयास है इसमें हमने बहुत सारी चीज़े पहली बार की हैं।”

इस बारे में मुकुल चड्ढा का मानना है कि

“जब रसिका ने मुझे सुझाव दिया कि हमे इस लॉक डॉउन में कुछ इंटरेस्टिंग शूट करना चाहिए तो मैंने उन्हें तुरंत हां कर दी। घरेलू काम काज से समय निकाल कर हमने विचार विमर्श करना शुरू कर दिया। कॉफ़ी पीते पीते आइडियास सोचना हमारे दिन का रोमांचक हिस्सा बन गया। हमने चार कॉन्सेप्ट के साथ शुरुआत की थी, फिर उसे और विकसित कर एक ड्राफ्ट  में लिखा, इसे परिष्कृत किया।अब हमारे पास स्क्रिप्ट थी ,और फिर टेरीबली टायनी टाकीज़ और डायरेक्टर श्रीनिवास इससे जुड़ गए। लॉक डॉउन में शूटिंग करना बेहद इंटेंस रहा। भले ही हमे इस शॉर्ट फ़िल्म के लिए चौगुना काम करना पड़ा पर यह हमारे लिए किसी रिवॉर्ड से कम नहीं।”

श्रीनिवास सुंदरजन द्वारा निर्देशित बनाना ब्रेड अब आप देख सकते हैं।

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