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जातीय पचड़े में फंसती दिख रही है आयुष्मान खुराना की ‘आर्टिकल 15’

विवादों में घिरती नज़र आ रही है फिल्म ‘आर्टिकल 15’

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Ayushmann-Khurrana

आयुष्मान खुराना के मुख्य अभिनय वाली फिल्म आर्टिकल 15 विवाद के घेरे में आती दिख रही है। आर्टिकल 15 उत्तर प्रदेश के बदायूं में हुए गैंग रेप पर आधारित है। इस फिल्म को 28 जून को देश के सभी सिनेमा घरों में देखा जा सकता है, लेकिन एक तरफ फिल्म रिलीज़ के कुछ दिन ही बचे हैं, दूसरी तरफ इस फिल्म के विरोध में उत्तर प्रदेश का ब्राह्मण समाज और करणी सेना आ चुका है।

ख़बरों के मुताबिक ब्राह्मण समाज और करणी सेना का कहना है कि, फिल्म में घटना की कहानी के साथ फेर-बदल किया गया है, और इरादतन दोषियों को ब्राह्मण जाति से दिखाया जा रहा है, जो किसी समुदाय को अपमानित कर रहा है। पिछले हफ्ते इस फिल्म का ट्रेलर रिलीज़ किया जा चुका है। इस ट्रेलर में यह दिखाया जाता है, कि मज़दूरी बढ़ाने के नाम पर दलित लड़कियों के साथ रेप कर उनकी हत्या कर उन्हें पेड़ पर लटका दिया जाता है। इस फिल्म में लड़कियों के परिवार को बहुत ही गरीब दिखाया जाता है। ऐसा विरोध किया जा रहा है कि इस फिल्म के ज़रिए जातिवाद का मुद्दा उठाया गया है। करणी सेना काअलावा अखिल भारतीय ब्राह्मण एकता परिषद ने फिल्म आर्टिकल 15 के निर्माता और निर्देशक को कानूनी नोटिस जारी कर फिल्म से उनके अनुसार आपत्ति जनक हिस्सा हटाने की मांग की थी।

इस फिल्म के ट्रेलर की मानें तो इसमें यह भी बताया जा रहा है, कि लड़कियों की हत्या करने वाला ‘महंत जी का लड़का है’। महंत एक ब्राह्मण समाज का है।कुछ भी हो क्या ऐसी घटनाएं दलितों के साथ नहीं हुई है ? शायद आप बोलोगे कि हुई, अगर ऐसा हुआ है तो सच्चाई जानने से लोगों को डर क्यों लगता है? इससे पहले करणी सेना ने फिल्म पद्मावत का ज़ोरदार विरोध किया था। जिसके आगे फिल्मकारों को घुटने टेकने पड़े थें। अब देखने की बात यह होगी की क्या आर्टिकल 15 की टीम को करणी सेना किस तरह से प्रभावित कर सकती है।

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