Connect with us

वीडियो

आर्टिकल 15 : दिल दहला देने वाली सच्ची कहानी

उत्तर प्रदेश के बदायूं में वर्ष 2014 में हुए गैंगरेप को सुलझाते दिखे आयुष्मान खुराना

Published

on

भारत में सबसे बड़ी बिडंम्बना जाति-धर्म के नाम पर होने वाली जद्दोजहद है। आयुष्मान खुराना की फिल्म आर्टिकल 15 इसी मुद्दे पर आधारित है जो जातीय समस्या को बयां करती है। इस फिल्म का एक ट्रेलर अब रलीज़ कर दिया गया है, जिसमें आयुष्मान खुराना का एक दमदार अभिनय देखा सकता है। इस फिल्म की कहनीं वर्षों से हो रहे जातिवाद को दर्शाता है, जो अभी तक का ख़त्म होने वाला मसला नहीं है। इस फिल्म की कहनी उत्तर प्रदेश के बदायूं में होने वाली एक गैंगरेप की सच्ची घटना पर आधारी है। यह सच्ची घटना 2014 में हुई थी।

फिल्म के इस छोटे से भाग में बयां कर दिया गया है कि हमारा समाज किस तरह से जातीय बंधन में बंधा हुआ है। अमज़दूरी और गरीबी से परेशान आम जनता और उनकी बहन बेटियों को आज भी सम्मान से नहीं देखा जाता है। ट्रेलर में दिखया गया है कि मज़दूरी करने वाली लड़कियों के 3 रूपए दिहाड़ी बढ़ाने की मांग पर उनके साथ गैंगरेप कर जान से  मार दिया जाता है, और उनके पार्थिव शरीर को किसी वृक्ष से लटका दिया जाता है, ऐसा इस लिए की वे लड़कियां दलित हैं। इस केस को सॉल्व करते नज़र आ रहे हैं फिल्म के मुख्य किरदार, आयुष्मान खुराना।

 

खबरों के मुताबिक इस फिल्म के बारे में बात करते हुए मनोज पाहवा ने बताया था कि इस फिल्म की शूटिंग पूर्ण रूप से उत्तर प्रदेश के बदायूं में की गयी है। इस फिल्म में आयुष्मान खुराना एक पुलिस अधिकारी की भूमिका में नज़र आ रहे हैं, जो इस केस को सुलझाने का काम कर रहे हैं। यह फिल्म 28 जून को देश के सभी सिनेमा घिरों में देखा जा सकता है। हम आप को बता दें यह फिल्म एक सच्ची घटना पर आधारित है, हमारे समाज की गतिविधियों को बयां करती नज़र आ रही है। यह कहना सही होगा की देश को आज़ादी मिल गयी हैं, लेकिन इस लोकतांत्रिक देश का एक ऐसा तबका हैं, जो अभी भी स्वतंत्र नहीं हैं !

 

इस तरह की ख़बरों के लिए सिने ब्लिट्ज के साथ बनें रहे

>