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महिलाओं के प्रति संकीर्ण मानसिकता का यह नया भारत ?

महिलाओं के प्रति संकीर्ण मानसिकता के लिफ्ट है समूचा भारत !

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महिला उत्पीड़न कोई नयी बात नहीं है। आए दिन हमारे समाज में हमारी बहन-बेटियों के साथ यौन उत्पीड़न की खबरे देखने को मिलती हैं। किसी और दिन की बात नहीं बल्कि आज ही एक सु प्रशिद्ध दैनिक न्यूज़ पेपर में छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक पांच साल की एक छोटी बच्ची के साथ सामूहिक दुष्कर्म का एक मामला सामने आया है। यही नहीं यह तो सत्य है कि उनको इन्हीं सब बातों का हवाला देकर घर से बहार न निकलने की सलाह दी जाती है। एक तरफ जहां भारत विश्व गुरु बनाने की फ़िराक में है, वहीँ देश में महिलाओं के प्रति ऐसी विचारधरा काफी कुछ बयां करती है। आज भारत ऐसी ही गंदी मानसीकता का शिकार होता जा रहा है। हमें और भारत सरकार को ऐसी गंदी मानसिकता से निपटने के लिए कुछ करने की सख्त ज़रूरत हैं।

एक तरफ हम चीन और अमेरिका के साथ कंधे से कन्धा मिला कर चलने की बात करते हैं, लेकिन हम अपने समाज में होने वाली ऐसी गंदी सोच और गंदी विचारधारा के लोगों से निपटने के लिए हमारे पास समय तक नहीं हैं। भारत की एक खूबसूरती है, जहां पर एक संविधान जो सब को एक सामान अधिकार दिया गया हैं, लेकिन सवाल यह है कि क्या यह समानता इनके लिए सामाजिक तौर पर है? महिलाओं को धर्म, जाति, यौन उत्पीड़न का हवाला देकर कहीं न कहीं ऐसी समानताओं पर लगाम लगा दिया जाता है। समझ क्यों नहीं आता है, कि समाज से ऐसी विचारधारा से निपटने के लिए कैसा हथकंडा अपनाया जाए ? 8 मार्च को दुनिया भर में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस मनाया जाता है। लेकिन क्या सिर्फ महिला दिवस माना लेना ही महिला को सम्मान दिलाना है ? यह मुद्दा इतना बड़ा है, कि जितना भी लिखो उतने शब्द कम पद जाएंगें।

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Every woman has a past some were physically abused.some had violent parents.some had pubertal issues.some had sexual abuse as a child from their own family members.some had messed up love stories. some had been forced into sex in the name of love.some had been drugged.some were date raped.some had been viciously photographed on bed.some had been blackmailed by their exboyfriend.some were in an abusive relationship.some had menstrual problems.some had a broken family.some had divorce.some had an obesity issue. some had drug or alcohol addiction some had a few successful suicide attempts. If you see a women,who went through any of these but had already wiped her tears,tied her hair up masked her sorrows with a divine smile,stood tall and strong started walking towards her future because she still has some hope left inside her and has not given up on the concept of love that still exists in this world,do not stab her with her past do not confront her.do not slap her with more abuse.give way for her and walk besides her hold her hands and walk for a while.you will know how sweet that soul is and how strong her hopes are!you’ll be amazed at how she carries herself after all her energy has been sucked out. She need not always be only the woman next door or from a different home.she could be your FRIEND your own SISTER your own GIRLFRIEND your own WIFE even maybe your own MOTHER Do not judge her by her past Gift her the peaceful future that she deserves.Hold her hands against the world,which knows only to judge.Give her the love that she always yearned for.❤️ Copy n paste #spreadthelove💞💫💞

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दरअसल इस मुद्दे को भोजपुरी की मशहूर अदाकारा अक्षरा सिंह ने यह मुद्दा उठाया है। जिसमें अक्षरा सिंह ने एक तस्वीर अपने इंस्टाग्राम पर साझा किया हैं, जो काफी कुछ बयां करती देखी आज सकती है। हम उस तस्वीर को आप के समक्ष साझा तो ज़रूर कर सकते हैं, लेकिन इसके बारे में हम लिखना मुनासिब नहीं समझते ।कृपया आप इस तस्वीर को देखें और महिलाओं के प्रति अपना विवेक उजागर करने की कोशिस करें। अब समय है अपने सोच को बदलने की।

 

 

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