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ताशकंद फाइल्स बनाम पीएम नरेंद्र मोदी

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लोकसभा चुनाव 2019 सिरहाने पर दस्तक दे चुका है। इस बार यह चुनाव इसलिए भी खास है क्योंकि नेताओं के कई चेहरे हिंदी फिल्म जगत से भी हैं। हो न हो इस बार सिनेमा घरों में चुनाव की गर्माहट दर्शकों के बीच भी देखने को मिलने वाली है। ऐसा इसलिए क्योंकि लोकसभा चुनाव 2019 का आगाज 11 अप्रैल से हो रहा है और उसके ठीक एक दिन बाद सिनेमा घरों में दो ऐसी फ़िल्में दस्तक देने को तैयार है, जो कि राजनीति से ओतप्रोत हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बायोपिक पीएम नरेंद्र मोदी, 5 अप्रैल को सिनेमाघरों में दस्तक देने वाली थी, लेकिन सेंसर बोर्ड से हरी झंडी न मिल पाने के कारण यह फिल्म अधर में लटकती नज़र आ रही है। सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार, 5 अप्रैल को रिलीज़ न होने पाने के कारण  फ़िल्मकर्ता इस फिल्म को 11 अप्रैल को रिलीज़ करवाने की तैयारी में जुट चुके हैं। खबरों के अनुसार, सेंसर बोर्ड के अधिकारीयों ने यह फिल्म देख ली है, लेकिन वह इसके सर्टिफिकेशन में देरी लगा रहे हैं। कयास लगाए जा रहे हैं कि 11 अप्रैल से पहले इस फिल्म को सेंसर बोर्ड से हरी झंडी मिल जाएगी और फिल्म तय समय पर रिलीज़ की जाएगी। अगर ऐसा होता है, तो फिर फिल्म पीएम नरेंद्र मोदी का टकराव लाल बहादुर शास्त्री पर बनी फिल्म ताशकंद फाइल्स से होगा। दोनों ही फ़िल्में कहीं न कहीं राजनीति से ओतप्रोत हैं, इसलिए यह देखने वाली बात होगी कि दर्शक किस फिल्म को अधिक पसंद करते हैं।

विवेक अग्निहोत्री के निर्देशन में बनी फिल्म ताशकंद फाइल्स भारत के पूर्व प्रधानमंत्री लालबहादुर शास्त्री के मृत्यु का राज खोलती है। फिल्म के ट्रेलर को दर्शकों से अच्छी प्रतिक्रिया मिली है और हर कोई जानना चाहता है कि आखिर लाल बहादुर शास्त्री की मृत्यु के पीछे का राज क्या था। इस फिल्म में मुख्य भूमिका में मिथुन चक्रवर्ती, नसीरुद्दीन शाह, पल्लवी जोशी और पंकज त्रिपाठी जैसे मंझे हुए कलाकार हैं। वहीँ दूसरी ओर विवेक ओबेरॉय स्टारर फिल्म पीएम नरेंद्र मोदी को लेकर भी इन दिनों काफी चर्चाएं होती रही हैं। इसलिए यह देखने वाली बात होगी कि ये दोनों फ़िल्में दर्शकों पर किस प्रकार का छाप छोड़ती हैं। बॉलीवुड से जुड़ी हर ताज़ातरीन खबरों को सबसे पहले पढ़ने के लिए सिने ब्लिट्ज के साथ बने रहें।

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